DA Hike 2025: हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों को दिया बड़ा तोहफा
DA Hike 2025: हरियाणा सरकार ने एक बार फिर से अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। त्योहारों के सीजन से ठीक पहले राज्य सरकार ने महंगाई भत्ते यानी Dearness Allowance में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। अब कर्मचारियों और पेंशनर्स को 55 फीसदी की जगह 58 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा। यह फैसला 1 जुलाई 2025 से लागू होगा। इस बढ़ोतरी से लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत मिलने वाली है क्योंकि बढ़ती महंगाई के बीच यह फैसला बहुत बड़ा सहारा साबित होगा।
महंगाई भत्ता क्या होता है?
महंगाई भत्ता यानी Dearness Allowance एक ऐसा अतिरिक्त हिस्सा होता है जो सरकार अपने कर्मचारियों को उनके वेतन में जोड़कर देती है ताकि महंगाई के असर को संतुलित किया जा सके। जब महंगाई दर बढ़ती है तो कर्मचारियों की वास्तविक आय पर असर पड़ता है, इसलिए सरकार समय-समय पर DA में बढ़ोतरी करती रहती है। वहीं पेंशनर्स को इसी तरह की राहत Dearness Relief के रूप में दी जाती है। यह भत्ता हर छह महीने में संशोधित किया जाता है और केंद्र तथा राज्य दोनों सरकारें इसे लागू करती हैं। इस बार की बढ़ोतरी हरियाणा के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक राहत की सांस लेकर आई है।
कब से मिलेगा बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता
सरकार के अनुसार बढ़ा हुआ DA 1 जुलाई 2025 से लागू किया गया है। हालांकि कर्मचारियों को इसका असर अक्टूबर महीने की सैलरी में देखने को मिलेगा। वहीं जुलाई से सितंबर तक का एरियर नवंबर में देने की बात कही गई है। इससे सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को एक साथ अच्छी रकम मिलने की उम्मीद है। इस निर्णय से करीब छह लाख कर्मचारी और पेंशनर्स को सीधा फायदा होगा। इनमें से लगभग तीन लाख रेगुलर कर्मचारी और तीन लाख पेंशनर्स शामिल हैं। सरकार का कहना है कि यह बढ़ोतरी केंद्र सरकार के निर्णय के अनुरूप की गई है ताकि राज्य के कर्मचारी महंगाई के बढ़ते दबाव से राहत पा सकें।
क्यों किया गया महंगाई भत्ते में इजाफा
महंगाई लगातार बढ़ रही है और इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि की है। यह फैसला कर्मचारियों के हित में लिया गया है ताकि उनकी क्रय शक्ति पर असर न पड़े। अप्रैल 2025 में भी सरकार ने महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, उस समय यह 53 प्रतिशत से बढ़ाकर 55 प्रतिशत कर दिया गया था। अब दोबारा बढ़ाकर इसे 58 प्रतिशत कर दिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि इस महंगाई के दौर में यह फैसला उनके लिए बड़ी राहत है क्योंकि बाजार में रोजमर्रा की चीजें काफी महंगी हो चुकी हैं।
कर्मचारियों और पेंशनर्स की प्रतिक्रिया
सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि सरकार ने सही समय पर यह कदम उठाया है क्योंकि त्योहारों के सीजन में खर्च बढ़ जाता है। पेंशनर्स ने भी कहा कि इस फैसले से उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी। कुछ कर्मचारियों का मानना है कि बढ़ता हुआ DA उनके मासिक खर्च में कुछ हद तक सहूलियत लाएगा, हालांकि बढ़ती कीमतों के मुकाबले यह अब भी कम है। वहीं वित्त विभाग ने बताया कि यह निर्णय राज्य के बजट पर कुछ अतिरिक्त बोझ जरूर डालेगा लेकिन कर्मचारियों की सुविधा और जीवन स्तर को ध्यान में रखकर यह जरूरी था।