UPI New Rule: आज के समय में लगभग हर कोई UPI का इस्तेमाल करता है, चाहे बिजली का बिल भरना हो या OTT प्लेटफॉर्म का सब्सक्रिप्शन। लेकिन कई बार हमें यह पता ही नहीं चलता कि कौन सा ऑटोमेटिक पेमेंट किस ऐप से कट रहा है। अब नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI ने एक नया नियम जारी किया है जो इस परेशानी को खत्म करने वाला है। इस नए नियम के लागू होने के बाद यूजर्स को अपने सभी AutoPay Mandate एक ही जगह पर दिख जाएंगे जिससे कंट्रोल आसान हो जाएगा।
नया UPI नियम क्या है?
NPCI के 7 अक्टूबर 2025 के सर्कुलर के अनुसार अब सभी UPI यूजर्स अपने सक्रिय AutoPay Mandate किसी भी ऐप में देख सकेंगे। मतलब अगर आपका Netflix सब्सक्रिप्शन Google Pay से चल रहा है और बिजली का बिल PhonePe से, तो अब आप दोनों को किसी भी ऐप में देख पाएंगे। यह बदलाव 31 दिसंबर 2025 तक लागू कर दिया जाएगा। इससे यूजर्स को अपने खर्चों का पूरा रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल जाएगा। NPCI ने सभी पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को यह सुविधा समय पर लागू करने के निर्देश दिए हैं।
अब पोर्ट करना भी होगा आसान
नए नियम के तहत यूजर्स को अपने ऑटोपे मांडेट को एक ऐप से दूसरे ऐप में पोर्ट करने का भी ऑप्शन मिलेगा। यानी अगर आप PhonePe से Paytm या Google Pay पर अपना AutoPay शिफ्ट करना चाहते हैं तो यह भी संभव होगा। इसके लिए किसी तरह का कैशबैक या इनाम नहीं दिया जाएगा ताकि यूजर्स पर कोई दबाव न बने। NPCI ने साफ कहा है कि पोर्टिंग पूरी तरह यूजर की मर्जी से होगी और कोई ऐप इस फैसले को प्रभावित नहीं कर सकेगा। यह नियम डिजिटल भुगतान को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए बनाया गया है।
बैंक और ऐप्स को क्या करना होगा
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NPCI ने बैंकों और UPI ऐप्स को आदेश दिया है कि वे अपने ऐप में ‘Manage Bank Account’ या ‘UPI AutoPay’ सेक्शन में यह फीचर जोड़ें। ताकि यूजर्स आसानी से अपने सभी AutoPay Mandate को देख सकें, रोक सकें या जरूरत पड़ने पर किसी और ऐप में ट्रांसफर कर सकें। सभी ऐप्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी यूजर डेटा गलत इस्तेमाल न हो। NPCI ने यह भी कहा है कि कोई भी ऐप इस जानकारी का इस्तेमाल विज्ञापन या प्रचार के लिए नहीं करेगा।
सुरक्षा और नई ऑथेंटिकेशन सुविधा
NPCI ने एक और सर्कुलर जारी किया है जिसमें नई ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया की बात कही गई है। अब UPI में फेस ऑथेंटिकेशन और ऑन-डिवाइस बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की सुविधा मिलेगी। इससे बिना पिन डाले ₹5000 तक के ट्रांजेक्शन किए जा सकेंगे। इससे पेमेंट का अनुभव तेज और सुरक्षित दोनों होगा। आने वाले समय में यह सीमा और बढ़ाई जा सकती है।
नए नियम से UPI यूजर्स को अपने खर्चों पर ज्यादा कंट्रोल मिलेगा। यह कदम डिजिटल इंडिया को और मजबूत बनाएगा क्योंकि अब यूजर्स अपने हर ऑटोमेटिक पेमेंट पर नजर रख सकेंगे और गलती से होने वाले कटाव से भी बच सकेंगे।